आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Wipro एक बार फिर निवेशकों के बीच चर्चा में है। वजह है कंपनी का ₹15,000 करोड़ का शेयर बायबैक, जो 11 जून से खुल चुका है। लगभग तीन साल बाद Wipro अपने शेयरधारकों से शेयर वापस खरीद रही है और इस बार भी हजारों निवेशकों की नजर इस ऑफर पर टिकी हुई है।
दिलचस्प बात यह है कि जिस समय बायबैक शुरू हुआ है, उसी दौरान कंपनी का शेयर दबाव में बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों के मन में बड़ा सवाल है—क्या बायबैक में हिस्सा लेना फायदे का सौदा साबित हो सकता है?
कंपनी ने 60 करोड़ इक्विटी शेयरों को वापस खरीदने की योजना बनाई है। इसके लिए कुल ₹15,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बायबैक का भाव ₹250 प्रति शेयर तय किया गया है।
यह ऑफर 11 जून से शुरू होकर 17 जून तक खुला रहेगा। रिकॉर्ड डेट 5 जून थी, यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों के पास Wipro के शेयर थे, वही इस बायबैक में हिस्सा लेने के पात्र हैं।
Wipro इससे पहले 2023 में भी बायबैक लेकर आई थी। उस समय कंपनी ने ₹12,000 करोड़ के शेयर वापस खरीदे थे।
हर बायबैक में निवेशकों की सबसे बड़ी दिलचस्पी इस बात को लेकर होती है कि उनके कितने शेयर स्वीकार किए जाएंगे।
इस बार छोटे शेयरधारकों के लिए आरक्षित श्रेणी में पात्र निवेशक अपने पास मौजूद हर 56 शेयरों पर 11 शेयर टेंडर कर सकते हैं। वहीं सामान्य श्रेणी में हर 197 शेयरों पर 10 शेयर टेंडर किए जा सकते हैं।
हालांकि अंतिम स्वीकृति इस बात पर निर्भर करेगी कि कुल कितने निवेशक बायबैक में हिस्सा लेते हैं और कितने शेयर कंपनी को ऑफर किए जाते हैं।
जब कोई कंपनी बायबैक की घोषणा करती है तो अक्सर इसे प्रबंधन के भरोसे के संकेत के रूप में देखा जाता है।
बायबैक का मतलब है कि कंपनी अपने शेयरधारकों को नकद लौटाने के लिए अपने ही शेयर वापस खरीद रही है। इससे बाजार में उपलब्ध शेयरों की संख्या कम हो सकती है और प्रति शेयर आय (EPS) पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
हालांकि सिर्फ बायबैक के आधार पर किसी शेयर का भविष्य तय नहीं होता। निवेशकों को कंपनी के कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन पर भी नजर रखनी चाहिए।
दिलचस्प बात यह है कि बायबैक शुरू होने के बावजूद Wipro के शेयर में हाल के महीनों में कमजोरी देखने को मिली है।
पिछले छह महीनों में शेयर में करीब 30% की गिरावट आई है। आईटी सेक्टर में वैश्विक मांग को लेकर चिंता और धीमी ग्रोथ की आशंकाओं का असर कई कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दिया है।
यही वजह है कि बाजार अब सिर्फ बायबैक नहीं, बल्कि कंपनी के भविष्य के बिजनेस आउटलुक पर भी नजर रख रहा है।
बायबैक में हिस्सा लेने वाले निवेशकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका डीमैट अकाउंट सक्रिय हो और बैंक अकाउंट उससे जुड़ा हुआ हो।
शेयरधारक अपने ब्रोकर के जरिए विशेष बायबैक विंडो में शेयर टेंडर कर सकते हैं। इसके बाद कंपनी और रजिस्ट्रार तय करेंगे कि कितने शेयर स्वीकार किए जाएंगे।
Wipro का ₹15,000 करोड़ का बायबैक निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण कॉरपोरेट इवेंट है। ₹250 प्रति शेयर का ऑफर मौजूदा बाजार मूल्य की तुलना में आकर्षक दिखाई देता है, लेकिन अंतिम लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि आपके कितने शेयर स्वीकार होते हैं। फिलहाल बाजार की नजर सिर्फ बायबैक पर नहीं, बल्कि इस बात पर भी है कि Wipro आने वाले समय में अपने कारोबार की रफ्तार को कैसे बढ़ाती है।
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(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है।)
Nitish Parashara is a B.Tech graduate from ICFAI University, Jaipur, with over 6 years of experience in stock market content writing. He possesses strong expertise in financial research, market analysis, and creating engaging, informative content for investors. His work focuses on simplifying complex market trends and delivering accurate insights to help readers make informed investment decisions.
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